"हारने के लिए पैदा हुआ हूं"
नॉर्मन विन्सेंट पील अपनी पुस्तक "पॉवर आफ द प्लस फेक्टर" में एक कहानी बताते हैं, "हांगकांग में काउलून की घुमावदार छोटी सड़कों पर चलते समय एक बार मुझे एक टैटू स्टूडियो दिखा। टैटुओं के कुछ सैंपल खिड़की में भी रखे हुए थे। आप अपनी बांह या सीने पर एंकर या झंडा या जलपरी या ऐसी ही बहुत सी चीजों के टैटू लगा सकते थे, परंतु मुझे सबसे ज्यादा अजीब बात यह लगी कि वहां पर एक टैटू था, जिस पर छह शब्द लिखे हुए थे, "हारने के लिए पैदा हुआ हूं"। अपने शरीर पर टैटू करवाने के लिए यह भयानक शब्द थे। हैरानी की स्िथति में मैं दुकान में घुसा और इन शब्दों की तरफ इशारा करके मैंने टैटू बनाने वाले चीनी डिजाइनर से पूछा क्या कोई सचमुच इस भयानक वाक्य हारने के लिए पैदा हुआ हूं वाले टैटू को अपने शरीर पर लगाता है? उसने जवाब दिया, हां कई बार मैंने कहा, परंतु मुझे यकीन नहीं होता कि जिसका दिमाग सही होगा वह ऐसा करेगा। चीनी व्यक्ित ने अपने माथे को थपथपाया और टूटी फूटी इंग्लिश में कहा, शरीर पर टैटू से पहले दिमाग में टैटू होता है। लेखक इस कहानी के मार्फत कहना चाहता है, जो हम को मिलता है...