रुपहले पर्दे का असली द एंग्री यंग मैन

'ढ़ाई किलो का हाथ, जब उठता है तो आदमी उठता नहीं, उठ जाता है' इस संवाद को सुनते ही एक चेहरा एकदम से उभरकर आंखों के सामने आ जाता है। वो चेहरा असल जिन्दगी में बेहद शर्मिला व मासूम है, लेकिन रुपहले पर्दे पर वो हमेशा ही जिद्दी व गुस्सैल नजर आया, कभी क्रप्ट सिस्टम को लेकर तो कभी प्यार की दुश्मन दुनिया को लेकर। जी हां, मेरी निगाह में रुपहले पर्दे का असली द एंग्री यंग मैन कोई और नहीं बल्कि ही मैन धर्मेंद्र का बेटा सन्नी दिओल है, जो बहुत जल्द एक बार फिर रुपहले पर्दे पर मोहल्ला अस्सी से अपने दीवाने के रूबरू होने वाला है। प्रचार व मीडिया से दूर रहकर अपने काम को अंजाम देने वाले दिओल खानदान के इस चिराग ने दिओल परिवार का नाम ऊंचा ही किया है, कभी गिराया नहीं, अच्छे बुरे वक्त से गुजरते हुए सन्नी ने फिल्म जगत में करीबन तीन दशक पूरे कर लिए हैं। इतने लम्बे कैरियर में सन्नी को अब तक दो राष्ट्रीय पुरस्कार और फिल्मफेयर पुरस्कार मिल चुके हैं। मगर आज भी बॉलीवुड में उनका हमउम्र हीरो उतना कदवार नहीं है, जितना के सन्नी दिओल। गत साल 19 अक्टूबर को 55 साल पूरे कर चुके सन्नी ने...