चलो चला गया कसाब, अफजल की विदाई मुश्किल
बाल ठाकरे की न्यूज को साइड पर रख चुका होगा मीडिया, न्यूज एंकर ब्रेड बटर खाकर घर से निकल चुके होंगे, जो जल्द पहुंचेगा, उसको मिलेगा एंकरिंग का अवसर ! कुछ एंकरों को तो आज का दिन ब्रेड बटर से काम चलाना पड़ेगा । कुछ चर्चा कार तो सुबह से ही तैयारी कर रहे होंगे चलो आज फिर टीवी स्क्रीन पर जाने का मौका मिलेगा, भले की कसाब की फांसी से सरकार को कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन पूर्ण रूप से नहीं, क्यूंकि अफजल गुरू आजतक जिन्दा है, जिसको फांसी देना, एक फसाद को जन्म देना भी कुछ लोग मान रहे हैं, क्यूंकि वो कश्मीर से तालुक रखते हैं, और हमारी सरकार नहीं चाहती कि कश्मीर में पहले से हालात बने, देश में अलगाववादी नेताओं की कमी नहीं। माइक्रो संपादकीय न्यूज डेस्क । 26/11 मुंबई अटैक के गुनहगार पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब को फांसी दे दी गई है। कसाब को मुंबई की ऑर्थर रोड जेल से पुणे की यरवडा जेल में शिफ्ट कर बुधवार सुबह 7.30 बजे फांसी पर लटकाया गया। फांसी के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। महाराष्ट्र के गृह मंत्री आर.आर. पाटिल ने इसकी पुष्टि कर दी है। वह ...