शादी पर पापा का बेटे को पत्र
तुमने 'दु:खी शादीशुदा लोगों' और आलोचकों द्वारा बनाए गए सारे चुटकले सुने होंगे। अब, अगर किसी और ने तुम्हें यह न सुझाया हो, तो यह दूसरा नजरिया है। तुम मानव जिन्दगी के सबसे सार्थक रिश्ते में बंध रहे हो। इस रिश्ते को तुम जैसा बनाना चाहो वैसा बना सकते हो। कुछ लोग सोचते हैं कि उनकी मर्दानगी तभी साबित होगी, जब वे लॉकर रूम में सुनी सारी कहानियों को जिन्दगी में उतारेंगे। वे निश्िचंत रहते हैं कि जो बात पत्नी को पता ही नहीं उससे वह दुखी नहीं होगी। सच्चाई ये है कि किसी तरह, कहीं अंदर से, उसके द्वारा कॉलर पर लिपस्टिक का निशान पाए जाने या तीन बजे तक कहां थे, के लचर बहानों के पकड़े जाने के बिना ही पत्नी को पता चल जाता है और इसी जानकारी के साथ, इस रिश्ते की गहराई में कुछ कमी आ जाती है। ऐसे पति जो अपनी शादी का रोना रोते हैं, जबकि उन्होंने खुद ही रिश्ता खराब किया है, कहीं ज्यादा हैं, उन पत्नियों से, जिन पर यह इल्जाम लगाया जाता है। भौतिक विज्ञान का एक पुराना नियम है कि तुम एक चीज से उतना ही निकाल सकते हो, जितना तुम उसके अंदर डालते हो। जो व्यक्ित अपने हिस्से का आधा ही शादी पर न...