नो एंट्री, वेलकम और थैंक यू

कुलवंत हैप्पी
आप ने अक्सर देखा होगा कि आप "थैंक्स" कहते हैं तो सामने से जवाब में "वेलकम" सुनाई पड़ता है, मेंशन नॉट तो गायब ही हो गया। ये ऐसे ही हुआ, जैसे अमिताभ के स्टार बनते ही शत्रूघन सिन्हा एवं राजेश खन्ना की स्टार वेल्यू। कभी कभी थैंक्स एवं वेलकम का क्रम बदल भी जाता है, वेलकम पहले और थैंक्स बाद में आता है। शायद फिल्म निर्देशक अनीस बज्मी दूसरे क्रम पर चल रहे हैं, तभी तो उन्होंने पहले कहा, "नो एंट्री", फिर कहा, "वेलकम" और अब कह रहे हैं "थैंक यू"। अनीस के नो एंट्री कहने पर भी हाऊसफुल हो गए थे, और वेलकम कहने पर भी, लेकिन सवाल उठता है कि क्या दर्शक उनके थैंक यू कहने पर वेलकम कहेंगे?

सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि इस बार अक्षय कुमार के साथ उनकी लक्की गर्ल कैटरीना नहीं, और उनका वक्त वैसे भी ख़राब चल रहा है, फिल्म आती है और बिन हाऊसफुल किए चली जाती है, वो बात जुदा है कि अक्षय कुमार ने इससे भी ज्यादा बुरा वक्त देखा है, और वो इस स्थिति को संभाल लेंगे, मगर लगातार दो फिल्म फ्लॉप देने वाली अनिल कपूर की बेटी का कैरियर धर्मेंद्र की बेटी ईशा देओल की तरह लटक सकता है, क्योंकि फिल्मी दुनिया में चढ़ते सूरज को सलाम होता है।

अगर अनीस जी अपने निर्देशन के बल पर फिल्म को हिट करवा गए तो अक्षय की असफल फिल्म यात्रा थम जाएगी, जो चाँदनी चौंक टू चाईना से शुरू हुई है और अभी तक अविराम जारी है। इतना ही नहीं, साँवरिया गर्ल एवं दिल्ली छ: की मसककली का नसीबा खुल जाएगा। नो एंट्री के बाद अनीस बज्मी पर हास्यस्पद फिल्म निर्देशक का ठप्पा लग गया, और सिंह इज किंग ने जहाँ अक्षय कुमार को शिखर पर खड़ा किया, वहीं अनीस बज्मी का हौसला बढ़ाया, जबकि अनीस जी ने अपने कैरियर के शुरूआती दिनों में प्रेम रोग, हलचल, प्यार तो होना ही था जैसी एक्शन, गम्भीर और रोमांटिक फिल्म निर्देशित की। अक्षय कुमार की तरह अनीस को हास्यस्पद फिल्में भी रास आई, और उनको सफल निर्देशकों की कतार में लाकर खड़ा कर दिया।

जैसे जैसे आप शिखर की तरफ जाते हैं, लोगों की उम्मीद आपसे ज्यादा होने लगती हैं। वो आप से और बेहतर की उम्मीद करते हैं, और वैसे ही जैसे रियालटी शो के जज प्रतिभागियों से करते हैं। रामगोपाल वर्मा एवं संजय लीला भंसाली ने एक से एक बेहतर दी, लेकिन जैसे ही उनकी क्रमश: आग और साँवरिया फ्लॉप हुई, तो उनको आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा, उनकी फिल्में फ्लॉप श्रेणी से निकल सुपर फ्लॉप श्रेणी में पहुंच गई। जब आप शिखर की तरफ जाते हैं, तो आपकी छोटी सी चूक भी बहुत बड़ी हो जाती है, ऐसे में शिखर की तरफ जाते हुए बहुत सावधान रहना पड़ता है। पहाड़ पर चढ़ते हुए, आप जितने नीचे होते हैं, उतना जोखिम कम, और जितना ऊपर पहुंचते हैं उतना जोखिम ज्यादा।

ऐसे में अनीस को चौकसी बरतनी होगी? खासकर तब तो विशेष जब फ्लॉप सितारों के साथ आप फिल्म बना रहें हो, अनीस की थैंक यू में अक्षय कुमार, सोनम कपूर के अलावा बॉबी दिओल भी हैं। सोनम, बॉबी दिओल कॉमेडी सितारे नहीं, स्टार कास्ट देखकर लग रहा है कि वो हास्यरहित फिल्म बनाने का जोख़म उठाने जा रहे हैं, ऐसे में तो और भी ज्यादा गम्भीर रहना होगा। वैसे अब तक के लिए अनीस जी को थैंक यू कहा जा सकता है।

Comments

  1. Interesting article!
    Aur chadhte sooraj ko salam to har jagah hai..! Jab shatron me kaha gaya ardhy arpan ugte sooraj ko karna hai, to doobte sooraj ko kaun karega?

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  2. अब दर्शको की दर्शक जाने ............. हम तो आप को welcome ही कहेगे !!

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  3. अच्छा लेख ..इसे पढ़कर हम तो thanks ..और welcome दोनों ही कहंगे

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  4. बढि़या आलेख.

    अनीस को वेलकम.

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  5. sahi kaha...jaise jaise log safalta ki uchaiyan choote hain..unse ashaayein bahd jaati hai...

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  6. बढ़िया पोस्ट.
    भगवान परशुराम जयंती पर हार्दिक शुभकामनाये ...

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  7. बहुत बढ़िया पोस्ट ......जो हिट है वही फिट है .

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  8. अनीस जी को थैंक यू :)

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  9. महिलाओं में श्रेष्ठ ब्लागर कौन- जीतिए 21 हजार के इनाम
    पोस्ट लिखने वाले को भी मिलेगी 11 हजार की नगद राशि
    आप सबने श्रेष्ठ महिला ब्लागर कौन है, जैसे विषय को लेकर गंभीरता दिखाई है. उसका शुक्रिया. आप सबको जलजला की तरफ से एक फिर आदाब. नमस्कार.
    मैं अपने बारे में बता दूं कि मैं कुमार जलजला के नाम से लिखता-पढ़ता हूं. खुदा की इनायत है कि शायरी का शौक है. यह प्रतियोगिता इसलिए नहीं रखी जा रही है कि किसी की अवमानना हो. इसका मुख्य लक्ष्य ही यही है कि किसी भी श्रेष्ठ ब्लागर का चयन उसकी रचना के आधार पर ही हो. पुऱूषों की कैटेगिरी में यह चयन हो चुका है. आप सबने मिलकर समीरलाल समीर को श्रेष्ठ पुरूष ब्लागर घोषित कर दिया है. अब महिला ब्लागरों की बारी है. यदि आपको यह प्रतियोगिता ठीक नहीं लगती है तो किसी भी क्षण इसे बंद किया जा सकता है. और यदि आपमें से कुछ लोग इसमें रूचि दिखाते हैं तो यह प्रतियोगिता प्रारंभ रहेगी.
    सुश्री शैल मंजूषा अदा जी ने इस प्रतियोगिता को लेकर एक पोस्ट लगाई है. उन्होंने कुछ नाम भी सुझाए हैं। वयोवृद्ध अवस्था की वजह से उन्होंने अपने आपको प्रतियोगिता से दूर रखना भी चाहा है. उनके आग्रह को मानते हुए सभी नाम शामिल कर लिए हैं। जो नाम शामिल किए गए हैं उनकी सूची नीचे दी गई है.
    आपको सिर्फ इतना करना है कि अपने-अपने ब्लाग पर निम्नलिखित महिला ब्लागरों किसी एक पोस्ट पर लगभग ढाई सौ शब्दों में अपने विचार प्रकट करने हैं। रचना के गुण क्या है। रचना क्यों अच्छी लगी और उसकी शैली-कसावट कैसी है जैसा उल्लेख करें तो सोने में सुहागा.
    नियम व शर्ते-
    1 प्रतियोगिता में किसी भी महिला ब्लागर की कविता-कहानी, लेख, गीत, गजल पर संक्षिप्त विचार प्रकट किए जा सकते हैं
    2- कोई भी विचार किसी की अवमानना के नजरिए से लिखा जाएगा तो उसे प्रतियोगिता में शामिल नहीं किया जाएगा
    3- प्रतियोगिता में पुरूष एवं महिला ब्लागर सामान रूप से हिस्सा ले सकते हैं
    4-किस महिला ब्लागर ने श्रेष्ठ लेखन किया है इसका आंकलन करने के लिए ब्लागरों की एक कमेटी का गठन किया जा चुका है. नियमों व शर्तों के कारण नाम फिलहाल गोपनीय रखा गया है.
    5-जिस ब्लागर पर अच्छी पोस्ट लिखी जाएगी, पोस्ट लिखने वाले को 11 हजार रूपए का नगद इनाम दिया जाएगा
    6-निर्णायकों की राय व पोस्ट लेखकों की राय को महत्व देने के बाद श्रेष्ठ महिला ब्लागर को 21 हजार का नगद इनाम व शाल श्रीफल दिया जाएगा.
    7-निर्णायकों का निर्णय अंतिम होगा.
    8-किसी भी विवाद की दशा में न्याय क्षेत्र कानपुर होगा.
    9- सर्वश्रेष्ठ महिला ब्लागर एवं पोस्ट लेखक को आयोजित समारोह में भाग लेने के लिए आने-जाने का मार्ग व्यय भी दिया जाएगा.
    10-पोस्ट लेखकों को अपनी पोस्ट के ऊपर- मेरी नजर में सर्वश्रेष्ठ ब्लागर अनिवार्य रूप से लिखना होगा
    ब्लागरों की सुविधा के लिए जिन महिला ब्लागरों का नाम शामिल किया गया है उनके नाम इस प्रकार है-
    1-फिरदौस 2- रचना 3-वंदना 4-संगीता पुरी 5-अल्पना वर्मा- 6 –सुजाता चोखेर 7- पूर्णिमा बर्मन 8-कविता वाचक्वनी 9-रशिम प्रभा 10- घुघूती बासूती 11-कंचनबाला 12-शेफाली पांडेय 13- रंजना भाटिया 14 श्रद्धा जैन 15- रंजना 16- लावण्यम 17- पारूल 18- निर्मला कपिला 19 शोभना चौरे 20- सीमा गुप्ता 21-वाणी गीत 21- संगीता स्वरूप 22-शिखाजी 23 –रशिम रविजा 24- पारूल पुखराज 25- अर्चना 26- डिम्पल मल्होत्रा, 27-अजीत गुप्ता 28-श्रीमती कुमार.
    तो फिर देर किस बात की. प्रतियोगिता में हिस्सेदारी दर्ज कीजिए और बता दीजिए नारी किसी से कम नहीं है। प्रतियोगिता में भाग लेने की अंतिम तारीख 30 मई तय की गई है.
    और हां निर्णायकों की घोषणा आयोजन के एक दिन पहले कर दी जाएगी.
    इसी दिन कुमार जलजला का नया ब्लाग भी प्रकट होगा. भाले की नोंक पर.
    आप सबको शुभकामनाएं.
    आशा है आप सब विषय को सकारात्मक रूप देते हुए अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाएंगे.
    सबका हमदर्द
    कुमार जलजला

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हार्दिक निवेदन। अगर आपको लगता है कि इस पोस्‍ट को किसी और के साथ सांझा किया जा सकता है, तो आप यह कदम अवश्‍य उठाएं। मैं आपका सदैव ऋणि रहूंगा। बहुत बहुत आभार।

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